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कोटखाई गैंगरेप : गुड़िया के असली गुनहगार कोई और है

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कोटखाई case

कोटखाई गैंगरेप : गुड़िया के असली गुनहगार कोई और है 
15 दिन के बाद भी कोटखाई गुड़िया गैंगरेप-हत्याकांड मिस्ट्री के राज सीबीआई नहीं जान सकी है। मिली जानकारी के मुताबिक सीबीआई की जांच एजेंसी अभी तक इस निष्कर्ष पर जरूर पहुंची है कि पकड़े गए पांच आरोपी असल मुजरिम नहीं हो सकते।


इस पूरी घटना के पीछे असल गुनहगार कोई और ही है। बुधवार को प्रिलिमिनरी स्टेटस रिपोर्ट तो जांच एजेंसी ने पेश कर दी, मगर हाई कोर्ट से इस पूरे मामले को जांचने के लिए तीन माह का समय मांगा। हालांकि उच्च न्यायालय से जांच एजेंसी को 17 अगस्त तक का ही समय दिया गया। अब सीबीआई के गुरुवार को एफएसएल जुन्गा जाने की सूचना है, जहां इस पूरे मामले को लेकर बड़ी बैठक हो सकती है। अभी तक एफएसएल में इस पूरे घटनाक्रम को भेदने के लिए जो सबूत जुटाए गए थे, उनकी रिपोर्ट तैयार किए जाने की जानकारी मिली है। हालांकि इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है, मगर सीबीआई दो-दो बार की गई जांच की रिपोर्ट देखना चाहती है।
ऐसे ही विभिन्न नमूनों की जांच सीबीआई दिल्ली स्थित अपनी लैब से भी करवा रही है। पूरे मामले में सीबीआई ने न केवल दो नेपाली व दो गढ़वाली आरोपियों से पूछताछ की है, बल्कि स्थानीय युवक से भी अलग से पूछताछ की है। सीबीआई ने घटना से लेकर घटना के बाद तक की कॉल डिटेल भी खंगाली है। 
घटनास्थल पर जाकर लोगों, छात्रा के परिजनों, उसकी सहेलियों के साथ-साथ स्कूल के स्टाफ से भी पूछताछ की है। इन्हीं सब कडि़यों को जोड़ने के बाद बताया जाता है कि सीबीआई असल मुजरिमों तक पहुंचने के लिए कुछ और समय मांग रही है, ताकि असल गुनहगार कानून के शिकंजे तक लाए जा सकें। बहरहाल, असल गुनहगार आखिर कितने हैं और कौन हैं, ये वे सवाल हैं, जो सीबीआई लोगों को तो क्या बताएगी, खुद भी अब तक सुलझा नहीं पाई है।
सीबीआई कोटखाई मामले को सुलझाने के लिए जिस तरह से और वक्त मांग रही है, उससे इस बात की भी चर्चा है कि क्या हिमाचल पुलिस सीबीआई से एक कदम आगे है, जिसने इस पूरे मामले को नौ दिन में सुलझाने का दावा किया था। बाकायदा प्रदेश के डीजीपी ने प्रेस कान्फ्रेंस करके तकनीकी सबूतों का हवाला देकर इस मर्डर मिस्ट्री को हल करने का ऐलान किया था, मगर सीबीआई इसके लिए और वक्त मांग रही है। यानी माजरा कुछ और ही है और सामने कुछ और ही आता रहा।
कोटखाई प्रकरण में लॉकअप में एक आरोपी सूरज की हत्या के मामले में सीबीआई ने बुधवार को पुलिस कर्मियों से पूछताछ की है। यह पूछताछ कोटखाई थाना के पूर्व  स्टाफ से की गई। कोटखाई थाना में एक आरोपी सूरज की हत्या के संबंध में सीबीआई पुलिस के कुछ कर्मचारियों से पूछताछ की है। सूत्रों के अनुसार थाने के पूर्व स्टाफ को शिमला में सीबीआईर् कार्यालय बुलाया गया था और घटना के बारे में उनके बयान लिए गए। सीबीआई को पुलिस की बताई गई कहानी पर भरोसा नहीं है। यही वजह है कि सीबीआई अपनी थ्योरी पर काम कर रही है। इसी कड़ी में बुधवार को यह पूछताछ की गई और माना जा रहा है कि अभी और भी स्टाफ से पूछताछ की जा सकती
छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की वीडियो सीडी मौजूद है। सीबीआई दो बार इसका विश्लेषण कर चुकी है। शरीर पर दो जगह काटने के निशान पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में आए हैं। इसी रिपोर्ट में उसके साथ गैंगरेप की भी पुष्टि होती है। फोरेंसिक विशेषज्ञों की राय में गैंगरेप के बाद इसे नृशंस हत्या कहा जाएगा। इसमें बलात्कारियों की संख्या ज्यादा हो सकती है, जो एक-डेढ़ घंटे तक उसके शरीर को न केवल नोंचते रहे, बल्कि उसका मुंह बंद कर इस घटना को अंजाम दिया गया और बाद में गला दबाकर उसे खत्म कर दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने इस मामले में आरोपी नेपालियों व गढ़वालियों को भी क्लीन चिट नहीं दी है। हालांकि दावा यही किया जा रहा है कि असल गुनहगार अभी भी कोई और ही है, जिनके चेहरे बेनकाब करना बाकी है।

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