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हमीरपुर में छात्रा गुरु की शरारत का शिकार बनी



अब हमीरपुर में गुरू की शरारत का शिकार सरकारी स्कूल की छात्रा बनी है। हमीरपुर जिला के इस सरकारी स्कूल में गुरू की हरकत से तंग आई छात्रा ने इसकी शिकायत स्कूल प्रधानाचार्य से कर दी। बाद में स्कूल यौन उत्पीडऩ व एसएमसी कमेटी के समाने गुरू ने छात्रा से माफी मांगकर जान छुडाई। हमीरपुर के इस सरकारी स्कूल में यह शरारत स्कूल में आयोजित फेयरवेल पार्टी के दौरान हुई थी। मामले में अब रफा-दफा कर दिया गया है। लेकिन अध्यापक की करतूूत के चर्चे तेज हो गए है।

सूत्रो के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक शिक्षा विभाग में पहुंची छात्रा की शिकायत के अनुसार छात्रा ग्यारवीं कक्षा में पढ़ती है। स्कूल में ग्यारवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने बाहरवी कक्षा के विद्यार्थियेां के लिए फेयरवेल पार्टी की आयोजन किया। इस दौरान स्कूल में नाचने गाने का दौर चल रहा था कि अचानक स्कूल के अधेड़ प्रवक्ता ने लड़की को अकेला देखकर अपने पास बुलाया और छल्ला, चॉकलेट, व 100 रूपये का नोट थमा दिया। लड़की को प्रवक्ता ने कुछ इशारे भी किए। लिहाजा लड़की को यह तोहफा देने का स्टाइल पसंद नहीं आया।

सरकार के निर्देश पर हर स्कूल में यौन उत्पीडऩ कमेटियों का गठन


छात्रा घर पहुंचकर पूरी रात इसी मसले पर सोचती रही। दूसरे दिन छात्रा ने इसकी शिकायत स्कूल प्रधानाचार्य से कर दी। इतने मे एसएमसी कमेटी के पास भी अभिभावक पहुंच गए। स्कूल में इस तोहफे माहौल तनावपूर्ण हो गया। सरकार के निर्देश पर हर स्कूल में यौन उत्पीडऩ कमेटियों का गठन हुआ है। लिहाजा मामला कमेटी के पास पहुंच गया। ऐसे में एसएमसी कमेटी के सदस्य भी स्कूल में मौजूद हो गए। इस दौरान गर्माए माहौल को देखकर प्रवक्ता की भी टांगें कांपने लगी।

ऐसे में प्रवक्ता ने अपनी हर गलती को स्वीकार करते हुए देने का तात्पर्य तबदील करते हुए अपना पक्ष दिया कि मैेंने इसे बच्ची समझकर तोहफा दिया था। बहरहाल मामला इसलिए गले का फांस बन गया क्योंकि स्कूल में सभी छात्राएं बच्चें के सामान है। ऐसे में तोहफे सभी बच्चों को क्यों नहीं बांट दिए। बताया जा रहा है कि स्कूल प्रबंधन ने इस मामले को अपने स्तर पर सुलझा लिया है। उधर, स्कूल प्रधानाचार्य ने बताया कि स्कूल की छात्रा की शिकायत पर यह मामला एसएमसी व स्कूल यौन उत्पीडऩ कमेटी के समक्ष रखा था यहां पर मामला सुलझ गया है।

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