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500 रुपये के लिए टॉपर छात्र ने दे दी जान, जिसने भी पढ़ा हुई ऑंखें नम

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जोगिंद्रनगर के हराबाग निवासी तरुण कुमार (14) सपुत्र प्रेम सिंह द्वारा घर में फंदा लगाकर मौत को गले लगा लिया था। तरुण की मौत की खबर से समूचे क्षेत्र में शौक की लहर दौड़ गई। अति गरीब परिवार से संबंध रखने वाला तरुण अपनी कक्षा में पढ़ाई में हमेशा टॉप 5 स्टूडेंटस में रहता था। वो घर जाकर भी अपने ही कार्य एवं पढ़ाई तक सीमित रहता था। जानकारी के अनुसार मंगलवार को तरुण का जन्मदिन था। उसकी मां द्वारा उसे जन्मदिन पर 500 रुपये दिए गए थे, पर वो कहीं खो गए।
सूत्रों के अनुसार मंगलवार को छुट्टी होने के कारण बुधवार को जब वह स्कूल से घर आया तो दोस्तों द्वारा उससे जन्मदिन की पार्टी मांगी। इस पर उसने अपनी मां ने उसे दिए गए 500 रुपये कहीं खो जाने की बात कही व अपने दोस्तों को फिर कभी पार्टी करवाने के लिए कहा, परंतु दिन भर सभी से हंस खेल कर समय बिताने वाला कोई भी व्यक्ति यह नहीं जानता था कि तरुण के मन में 500 रुपये खो जाने की टीस इतना घर कर चुकी थी कि घर जाकर उसने खुद को फंदा लगाकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली। सूत्रों के मुताबिक तरुण को डर था कि उसके द्वारा गुम किए गए 500 रुपये पर उसके पिता शाम को आकर पता नहीं उसे क्या कहेंगे? तरुण के पिता बेराजगार हैं व छोटा-मोटा सामान बेचकर अपना व अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
उसका छोटा भाई छठी कक्षा में पढ़ता है। वहीं उसकी माता मनरेगा में दिहाड़ीदार मज़दूर का कार्य करती हैं। ऐसे में परिवार के लिए 500 रूपए की ऐहमियत क्या हो सकती है ये सभी समझ सकते हैं। अब तरुण तो चला गया लेकिन एक संदेश वह छोड़ गया उन टीचरों के लिए कि वे बच्चों को ऐसी बातों के लिए सीख दें कि वे संसार में डरे नहीं, बल्कि जिंदगी के सच का सामना करने के लिए तैयार रहे।

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