Breaking News

पिता और भाई ने सैल्यूट करके शही'द बेटे को दी अंतिम विदाई, दुःख से बहन बेहोश


भाई कर्मजीत सिंह का पार्थिव शरीर देखकर बहन बेहोश हो गई। वहीं, मां ने माथा चूमकर लाड़ किया। पिता और भाई ने सैल्यूट करके नमन किया, तब श'हीद कर्मजीत सिंह की अंतिम यात्रा शुरू हुई। सभी रस्में निभाने के बाद जब श'हीद की अंतिम यात्रा चली तो गांव के लोगों ने भारत माता के जयकारे लगाए। शहीद को उनके पिता अवतार सिंह और भाई ने मुखाग्नि दी।जम्मू के राजौरी सेक्टर में गो'लीबा'री में जवान कर्मजीत सिंह शही'द हो गए। मंगलवार सुबह उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। पार्थिव शरीर देखते ही मां और बहन बेहोश हो गईं। वहीं पिता और भाई का रो-रोकर बुरा हाल था।

मां कुलवंत कौर को बेटे के श'हीद होने की खबर तुरंत नहीं दी गई। घर में जब लोगों से मां ने पूछा तो किसी ने कुछ नहीं बताया। काफी पूछने के बाद जब उन्हें सच पता लगा तो वे बेहोश हो गईं। होश में आने पर मां कुलवंत फूट-फूट कर रोई। उन्होंने बताया कि कर्मजीत को 16 मार्च को होली की छुट्टी पर आना था। उसका फोन आया कि बॉर्डर पर तनाव है, इसलिए छुट्टी कैंसिल हो गई। मां घर नहीं आ पाऊंगा, पर वादा करता हूं कि जल्दी लौट आऊंगा। मुझे क्या पता था कि वह इस तरह आएगा। कर्मजीत ने वादा किया था, ऐसे निभाना था तो न करता।

वहीं पिता अवतार सिंह ने कहा कि बेटे कर्मजीत की शहादत पर उन्हें मान है। कर्मजीत सिंह का जन्म 15 नवंबर 1994 को हुआ था। 28 जून 2015 को कर्मजीत भारतीय सेना में भर्ती हुआ था। दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटे कर्मजीत सिंह रा'इफलमैन थे। इस समय वह जम्मू के राजौरी सेक्टर में सुंदरबानी में 18 सिख रेजीमेंट में तैनात था। अभी उसकी शादी नही हुई थी। कर्मजीत के फूफा रूपिंदर सिंह भी सेना में थे।

पाकिस्तान सरहद पर लगातार सीजफा'यर का उ'ल्लंघन कर रहा है। उसने एलओसी स्थित पलांवाला सेक्टर में भारतीय सैन्य चौकियों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर भारी गो'लाबा'री की। इसमें भारतीय जवान कर्मजीत सिंह शही'द हो गए। घायलों की पहचान सूबेदार विजेंद्र थापा, नायक चेत राम, सिपाही अजीत कुमार, सिपाही अविनाश कुमार, सिपाही मुनीश अंसारी, सिपाही हरमिंदर सिंह, सिपाही लक्षविंदर लाल और सिपाही फारूक अहमद के रूप में हुई है।

कोई टिप्पणी नहीं